May 23, 2024 4:05 am
Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

हमारा ऐप डाउनलोड करें

Blood Money Deal: बेटी को मौत की सजा से बचाने यमन जाएगी महिला, ‘ब्लड मनी’ पर करेगी डील, कोर्ट से मिली इजाजत

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

नई दिल्ली: हत्या के आरोप में यमन में मौत की सजा पाने वाली केरल की एक नर्स का प्रतिनिधित्व अब उसकी मां करेंगी. बता दें कि नर्स की मां को दिल्ली उच्च न्यायालय ने पश्चिम एशियाई देश की यात्रा करने और अपनी बेटी की रिहाई के लिए बातचीत करने की अनुमति दी थी. कोर्ट ने मंगलवार को एक फैसले में मां को यमन जाने और अपनी बेटी निमिषा प्रिया को बचाने के लिए ‘ब्लड मनी’ सौदे पर बातचीत करने की अनुमति दे दी.

NDTV की रिपोर्ट के अनुसार ‘ब्लड मनी’ पीड़ित के परिवार द्वारा उसकी रिहाई सुनिश्चित करने के लिए तय किया गया मुआवजा है, जो यमन में प्रचलित शरिया कानून के अनुसार सीधी बातचीत है. लेकिन इस बातचीत के लिए उनकी मां का यमन जाना जरूरी है. लेकिन केंद्र सरकार ने 2017 में यात्रा प्रतिबंध लगा दिया जिसके कारण भारतीय नागरिक सरकार की अनुमति के बिना यमन नहीं जा सकते.

पढ़ें- घर की दाल रोटी छोड़ो… भंडारे की आलू-पूरी तोड़ो! बस करना होगा ये ऐप डाउनलोड

वहीं दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को अपनी अधिसूचना में ढील देने और निमिषा की मां प्रेमा कुमारी को यमन की यात्रा करने की अनुमति देने का निर्देश दिया. हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार की इस दलील पर ध्यान दिया कि भारत के यमन के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं और उसने वहां अपना दूतावास बंद कर दिया है, और वर्तमान परिदृश्य में उस देश में कोई अंतरराष्ट्रीय संधि लागू नहीं है.

क्या है मामला
बता दें कि केरल की एक नर्स को यमन में सजा-ए-मौत की सजा दी गई है. कुछ दिन पहले उनके वकील का कहना था कि नर्स को मौत की सजा से बचाने का एकमात्र तरीका पीड़ित के परिवार के साथ ‘ब्लड मनी’ पर बातचीत करना. नर्स की मां ने दिल्‍ली की अदालत में यमन जाने की अनुमति देने का अनुरोध किया था. नर्स निमिषा प्रिया को एक यमनी नागरिक की हत्या का दोषी पाए जाने के बाद मौत की सजा सुनाई गई है.

Blood Money Deal: बेटी को मौत की सजा से बचाने यमन जाएगी महिला, 'ब्लड मनी' पर करेगी डील, कोर्ट से मिली इजाजत

वहीं प्रिया की ओर से यमन की सुप्रीम कोर्ट में सजा माफ करने की अपील खारिज कर दी गई है. वकील सुभाष चंद्रन ने कहा था कि यमन में प्रचलित शरिया कानून के तहत पीड़ित परिवार के साथ सीधी बातचीत ही अब सजा माफी की दिशा में आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है. लेकिन यह उतना आसान नहीं है जितना लगता है. अदालत ने मां को एक हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है जिसमें कहा गया है कि वह भारत सरकार के प्रति कोई दायित्व के बिना अपने जोखिम और जिम्मेदारी पर यात्रा करेंगी.

Tags: Kerala, Yemen

Source link

आर पी एस न्यूज़
Author: आर पी एस न्यूज़

न्यूज़ और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9453 555 111 पर www. rpssmachar.com rpsnews.com Emeil -rpssamachar@gmail.com rpsnews@gmail.com

Share this post:

Leave a Comment

खबरें और भी हैं...

[wonderplugin_slider id=1]

लाइव क्रिकट स्कोर

कोरोना अपडेट

Weather Data Source: Wetter Indien 7 tage

राशिफल

error: Content is protected !!
Skip to content