May 29, 2024 11:33 am
Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

हमारा ऐप डाउनलोड करें

*🪐ज्योतिष- ग्रह- नक्षत्र🪐*

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

*🪐ज्योतिष- ग्रह- नक्षत्र🪐*

*🔸भाग्येश की महादशा-:*
भाग्येश मतलब भाग्य का स्वामी, कुंडली में नवें भाव के स्वामी ग्रह को भाग्येश और नवम भाव को भाग्य कहते है।भाग्येश की महादशा या अन्तर्दशा का जीवन में आना बहुत ही शुभ और सोभाग्यशाली बात होती है क्योंकि भाग्येश की कुंडली में एक ऐसा ग्रह होता है जिसकी जानकारी हर जातक चाहता है जैसे सबसे पहला ही सामान्य प्रश्न होता मेरा या अमुक जातक का भाग्य कैसा है..?
जिन भी जातको को शुभ और बली भाग्येश की दशा जीवन में मिल जाती है निश्चित ही ऐसे जातको के जीवन में सूर्य के प्रकाश की तरह जीवन में प्रकाश आ जाता है, दुर्भाग्य दूर होकर सौभाग्य की वृद्धि होने लगती है, थोड़े से प्रयासों से बड़ी सफलता मिलने लगती है। शुभ और बली भाग्येश महादशा या अन्तर्दशा कुंडली के सभी दोषो को शांत कर जीवन में सफलता और आगे बढ़ने के रास्ते खोलती है। रोजगार, नौकरी, व्यापार, शादी होने, कोई अच्छा काम और उसमे सफलता के लिए साथ ही अन्य तरह से भाग्येश की महादशा या अन्तर्दशा का जीवन में आ जाने से सभी तरह के शुभ कार्य जातक के जीवन में होने लगते है।

*🔸भाग्येश अन्य तरह से कब ज्यादा शुभ फल देता है..?*
भाग्य का स्वामी खुद सबसे बड़ा राजयोग देने वाला और सभी भावों के स्वामियों का एक तरह से राजा होता है। भाग्येश का संबंध जब इन्ही लग्नेश (लग्न के स्वामी)चतुर्थेश(चौथे भाव के स्वामी), पंचमेश(पंचम भाव के स्वामी), सप्तमेश(सप्तम भाव के स्वामी), दशमेश(दशमः भाव के स्वामी), धनेश(दूसरे भाव के स्वामी), लाभेश(ग्यारहवे भाव के स्वामी) के साथ हो जाने से बहुत शक्तिशाली और शुभ फल भाग्येश की दशा देती है सफलता, नाम, कारोबार/नौकरी में उन्नति-सफलता, सुख-सौभाग्य की वृद्धि होती है।

👉🏻यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में भाग्येश ग्रह की महादशा चल रही है और फिर भी उसको जीवन में असफलता व परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तो निश्चित मानिए क्या तो जन्म कुंडली में कोई बड़ा दुर्योग है या फिर वह व्यक्ति कुछ ना कुछ भाग्येश ग्रह के विपरीत कर्म व व्यवहार कर रहा है। जिससे उसका भाग्य कमजोर हो रहा है।

👉🏻भाग्येश ग्रह की महादशा एक तरह से ब्रह्मास्त्र है, यदि आपके जीवन में भाग्येश कि महादशा आ गई है या आने वाली है तो आप उसके अनुसार व्यवहार व कर्म करना शुरू कर दीजिए और फिर देखिए आपका भाग्य किस तरह से चमकने लगता है।

👉🏻 उदाहरण-: आज से 15 वर्ष पहले हमारे पास एक जन्म कुंडली आई थी और उस जातक का लग्न ‘धनु’ था। धनु लग्न में सूर्य ग्रह भाग्येश होते हैं। और उस जातक के सूर्य ग्रह की महादशा चलते हुए लगभग 3 वर्ष बीत गए थे और किसी प्रकार की जीवन में उन्नति नहीं दिख रही थी। जब हमने उसकी पूरी दिनचर्या की जानकारी ली तो समझ में आया यह जातक सूर्य ग्रह के विपरीत आचरण व कर्म कर रहा था। हमने उन सभी विपरीत कार्यों व आचरण को छोड़ने का आग्रह किया और कुछ भाग्येश ग्रह की अनुकूलता प्राप्त करने के सामान्य उपाय बताएं। और उन्होंने ईमानदारी से उन उपायों का पालन भी किया जिसके परिणाम स्वरूप उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया। उन्होंने 2 साल बाद जिला पार्षद का निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीता। कारोबार की दृष्टि से भी उन्होंने काफी प्रोग्रेस की आज उनके पास आटा मिल का बहुत बड़ा कारोबार है। साथ में एक तांबे के बर्तन बनाने एक बड़ी फैक्ट्री स्थापित की जो आज काफी अच्छी चल रही है। ऐसे काफी उदाहरण है हमारे पास जिन्होंने भाग्येश ग्रह की महादशा में बड़ी सफलताएं अर्जित की है।

👉🏻यदि आपको अपना भाग्य चमकाना है तो ध्यान रहे भाग्येश की महादशा का एक-एक दिन आपके लिए कीमती है। इसको व्यर्थ ना गवांए और निरंतर प्रयत्नशील व कर्मरत रहे।।
🌳🌳🌳🌳🕉️🌳🌳🌳🌳
🌳🌳🌳🌳🕉️🌳🌳🌳🌳
*यह रचनाएं मेरी नहीं है। मुझे अच्छी लगी तो आपके साथ शेयर करने का मन हुआ।🌷*

गिरीश
Author: गिरीश

Share this post:

Leave a Comment

खबरें और भी हैं...

[wonderplugin_slider id=1]

लाइव क्रिकट स्कोर

कोरोना अपडेट

Weather Data Source: Wetter Indien 7 tage

राशिफल

error: Content is protected !!
Skip to content